يقول محمود درويش احسبه يقولها ليس فقط للفلسطينيين بل لكل من تتوق نفسه للحرية والانعتاق من الظلم والظالمين: "لسنا هنود حمر"
टीव्क्व्क्व्क्क्द्ब्द्द् द्ब्ब्ब्ब्क्न्न्म्क्म्क् ब्क्ब्ब्क्ब्क्म्क्म्,,क्ष।
ह्वव्ज्व्हव्ह्व ब्व्ब्बव्ज़ेह्ध्फ़, व्ह्व्हह्व क्स्क्सह्क्सक्स्जोज्ज़;कक्स
फ्गद्व्वच्क्स्फ़
गव
बब
वगव
هذا كل ما أردت قوله اليوم!!
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